क्लाइमेक्स – बड़ा हादसा
माँ ने उसी समय फ़ोन उठाकर अरुण को कॉल करना चाहा। लेकिन काजल और संदीप ने मिलकर उनका हाथ पकड़ लिया। धक्का-मुक्की में माँ गिर गईं और उनका सिर चौखट से लग गया। वो वहीं बेसुध होकर गिर पड़ीं।
सीमा चिल्लाई, “भाभी, ये क्या कर दिया तुमने? मम्मी जी मर जाएँगी!”
काजल बेशर्मी से बोली, “मर जाएँ तो अच्छा है। वैसे भी हमारे रास्ते में यही रोड़ा थीं।”
सीमा के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। उसे समझ में आ गया कि भाभी पूरी तरह अपराधी सोच में उतर चुकी है।
निर्णायक मोड़
सीमा किसी तरह भागकर अपने कमरे में पहुँची और रवि को फोन मिलाया। लेकिन फोन उठाने से पहले ही काजल आ गई और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।
अब सीमा फँस चुकी थी। न पुलिस को खबर, न पति से बात। तभी अचानक दरवाज़े पर ज़ोर-ज़ोर से दस्तक होने लगी।
दरवाज़ा खोला गया तो सामने रवि और पुलिस खड़ी थी।
असल में, माँ ने दो दिन पहले ही रवि को कॉल करके सब कुछ बताने की कोशिश की थी। लाइन कट गई थी, लेकिन रवि को शक हो गया था। उसने उसी वक्त छुट्टी लेकर भारत की फ्लाइट पकड़ ली।
अपराधियों का अंत
पुलिस ने आते ही संदीप और काजल को पकड़ लिया। माँ को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी मौत हो चुकी थी।
रवि का दिल रो पड़ा। उसने सीमा को गले लगाया और कहा, “काश, मैं पहले आ जाता तो ये सब न होता।”
सीमा फूट-फूटकर रोने लगी। उसे लगा जैसे उसके दिल का बोझ हल्का हो गया, लेकिन घर पूरी तरह बिखर चुका था।
अंत
अरुण भी दुबई से लौट आया। जब उसे सच्चाई पता चली तो वो टूट गया। अपनी पत्नी की बेवफ़ाई और माँ की मौत का ग़म उसे सालता रहा।
रवि ने माँ की आखिरी बात याद की — “बेटा, तू दुबई की नौकरी छोड़कर घर आजा और अपनी पत्नी के साथ अपना परिवार आगे बढ़ा।”
उसने वहीं फैसला किया कि अब दुबई की नौकरी छोड़ देगा। पैसा सब कुछ नहीं होता, परिवार ही सबसे बड़ी दौलत है।
सीमा और रवि ने ठान लिया कि अब वो एक-दूसरे के साथ रहेंगे और माँ की अधूरी इच्छा पूरी करेंगे।