Hindi Love Stories रविवार की सुबह थी। शकुंतला और कमलेश डाइनिंग टेबल पर बैठे नाश्ता कर रहे थे। बरसों की आदत थी दोनों की चाय और पराठों के साथ हल्की-फुल्की बातें। लेकिन आज माहौल कुछ अलग था। अचानक कमलेश ने कहा
“शकुंतला, क्यों न हम शादी कर लें?”
शकुंतला चौंक गई। बीस साल से वो दोनों साथ रह रहे थे, लिव-इन रिलेशन में। इतने सालों तक कभी शादी का नाम तक नहीं लिया कमलेश ने, और आज अचानक यह सवाल? शकुंतला ने हल्की मुस्कान के साथ कहा –
“इतने साल सब ठीक-ठाक चलता रहा। कभी दिक़्क़त नहीं आई, जो आई भी तो हमने मिलकर सुलझा ली। तो अब ये शादी का ख्याल क्यों आया तुम्हें?”
कमलेश ने अपनी चाय का घूंट लिया और धीरे से बोला –
“शकुंतला, उम्र हो चली है। मैं साठ का हो गया हूँ, तुम भी पचास पार कर चुकी हो। कानूनी तौर पर अगर हम पति-पत्नी हुए तो भविष्य में हमें कई तरह से आसानी होगी। मान लो मुझे कुछ हो गया तो तुम्हें मेरे हिस्से की चीज़ें पाने में दिक़्क़त न हो। इसी सोच से कहा था… शक मत करना।”
शकुंतला थोड़ी देर चुप रही, फिर बोली –
“शक तो कभी किया ही नहीं तुम पर। तुम मेरे हमसफ़र रहे हो इतने सालों से और मैं गर्व से कह सकती हूँ कि तुमसे प्यारा कोई मेरी ज़िंदगी में नहीं। बस सोच रही हूँ कि जब सब ठीक है तो क्यों शादी करके नया प्रयोग करें? वैसे भी बीमा पॉलिसी हो, बैंक अकाउंट हो, हर जगह हम एक-दूसरे के नाम लिख चुके हैं। फिर भी… तुम्हारी बात पर सोचूँगी।”
कमलेश ने मुस्कुराकर कहा –
“ठीक है, सोच लो। बिना तुम्हारी मर्ज़ी के कुछ नहीं होगा।”