सिनोवियल सिस्ट क्या होता है
कलाई में जो छोटी-सी गांठ जैसा उभर आता है, उसे डॉक्टर लोग सिनोवियल सिस्ट या गैंग्लियन सिस्ट कहते हैं। इसमें गाढ़ा पानी जैसा तरल भरा होता है। ये ज्यादातर 20 से 30 साल की उम्र वालों में देखने को मिलता है और औरत-मर्द दोनों में हो सकता है।
बनने की वजह
ये सिस्ट बनने का कोई पक्का कारण नहीं होता, कई बार ये अपने आप बन जाता है। कभी-कभी कलाई पर ज़्यादा दबाव, चोट, फ्रैक्चर या लिगामेंट फटने की वजह से भी ये गांठ निकल आती है। जिन लोगों को पहले से जोड़ की बीमारी जैसे आर्थराइटिस या रूमेटिज्म होती है, उनमें भी ये जल्दी देखने को मिलता है।
इसके लक्षण
इसका सबसे बड़ा लक्षण है कि कलाई पर धीरे-धीरे सूजन या गांठ बन जाती है। ये गांठ कभी छोटी रहती है और कभी धीरे-धीरे बड़ी हो जाती है। कई बार इसमें कोई दर्द नहीं होता, लेकिन अगर ये टेंडन या नस के ऊपर दबाव डाल दे तो हाथ में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होने लगता है।
कहाँ पर निकलती है
ज़्यादातर ये गांठ कलाई के ऊपर वाले हिस्से में निकलती है, मतलब हाथ के पीछे की तरफ। लेकिन कभी-कभी ये अंदर की तरफ भी आ जाती है। अगर ये टेंडन के पास बने तो इसे टेनो-सिनोवियल सिस्ट भी कहते हैं।
इलाज कैसे होता है
इलाज की बात करें तो हर बार डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। कई बार ये अपने आप छोटा हो जाता है या वैसे ही रह जाता है और कोई तकलीफ नहीं देता। लेकिन अगर गांठ बड़ी हो जाए या दर्द देने लगे तो डॉक्टर सिरिंज से तरल निकाल सकते हैं या छोटा-सा ऑपरेशन करके इसे हटा देते हैं। हाँ, ऑपरेशन के बाद भी ये दोबारा आ सकता है, लेकिन ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए
डॉक्टर को तभी दिखाना चाहिए जब गांठ बहुत तेजी से बढ़ रही हो, लगातार दर्द या सुन्नपन हो, या फिर रोज़मर्रा के काम करने में दिक्कत आ रही हो।
आखिर में नतीजा
कुल मिलाकर, सिनोवियल सिस्ट कोई खतरनाक बीमारी नहीं है। ये बस एक तरह की गांठ है जिसमें अंदर गाढ़ा पानी जैसा भर जाता है। अगर दिक्कत ना हो तो इसे वैसे ही छोड़ सकते हैं, लेकिन तकलीफ बढ़े तो डॉक्टर की सलाह लेना सबसे अच्छा तरीका है।