Story

कमरे में पहुँची तो देखा मेरी बेटी का चेहरा लाल था, वह पसीने से भीग चुकी थी और उसका मुँह भूख से फूला हुआ था।

शाम का वक्त था। मैं रोज़ की तरह थकी-हारी काम से घर लौटी।दरवाज़ा खोला ही था कि ऊपर से अपनी छोटी सी बेटी के ज़ोर-ज़ोर से रोने की आवाज़ सुनाई दी।उसकी चीखें सीढ़ियों में गूंज रही थीं।दिल धक से बैठ गया। मैं बिना एक पल गँवाए ऊपर भागी।कमरे में पहुँची ...

स्कूल ड्रेस में नाबालिग बच्चे हुक्का बार पहुँच जाते हैं यही आज पुलिस और सरकार की सबसे बड़ी चिंता है।

लखनऊ की ठंडी रात थी। विकासनगर का ब्लैक शैडो कैफ़े रोशनी और धुएँ से भरा हुआ था।युवा अपने दोस्तों के साथ हुक्के के कश ले रहे थे, मानो यह कोई पार्टी हो। लेकिन तभी पुलिस की गाड़ियाँ कैफ़े के बाहर आकर रुकीं।पल भर में अंदर अफरा-तफरी मच गई, हर कोई ...

वह चुप रही, फिर हल्के से “जी” कहकर नजरें दूसरी तरफ फेर लीं। आधा घंटा बीत गया, बस का नामोनिशान नहीं।

Romantic Story : की चिलचिलाती दोपहर थी। पसीना माथे से टपक रहा था और मैं जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाता हुआ बस स्टॉप पर पहुँचा। पहली ही बार इस छोटे कस्बे में बस पकड़नी थी, क्योंकि मेरा स्कूटर अचानक बीच रास्ते में धोखा दे गया था। जेब से रूमाल निकाला और गर्दन के ...

शकुंतला चौंक गई बीस साल से वो दोनों साथ रह रहे थे, लिव-इन रिलेशन में इतने सालों तक कभी शादी का नाम तक नहीं लिया

Hindi Love Stories रविवार की सुबह थी। शकुंतला और कमलेश डाइनिंग टेबल पर बैठे नाश्ता कर रहे थे। बरसों की आदत थी दोनों की चाय और पराठों के साथ हल्की-फुल्की बातें। लेकिन आज माहौल कुछ अलग था। अचानक कमलेश ने कहा “शकुंतला, क्यों न हम शादी कर लें?” शकुंतला चौंक गई। ...

उसके पाँच बच्चे थे पाँचों एक ही साल में पैदा हुए थे जैसे भाग्य ने उसे पाँच गुना जिम्मेदारियाँ एक साथ सौंप दी हों।

मुंबई की तंग गलियों में, लोहे की चादरों से ढके छोटे-से घर में आशा नाम की औरत रहती थी। उम्र तीस के आस-पास होगी, चेहरा मेहनत से झुलसा हुआ और हाथों में हर वक्त खुरदुरापन। उसकी दुनिया सिर्फ और सिर्फ उसके पाँच बच्चे थे – मनीष, मानव, मीरा, माया और ...

जब आँख खुली तो शाम के चार बज रहे थे। शरीर तप रहा था, गला सूख रहा था, और चक्कर के कारण उठना मुश्किल था।

सुबह के पाँच बजे ही वंदना की आँखें खुल जाती थीं। अलार्म की ज़रूरत उसे नहीं थी, आदत ही ऐसी बन चुकी थी। दिन की शुरुआत झाड़ू-पोंछा, बर्तन और नाश्ते की तैयारी से होती। बच्चे स्कूल जाते, सास-ससुर के लिए पूजा और चाय बनती, पति के कपड़े और ऑफिस का ...

कृष्णपुर के सबसे बड़े कॉलेज पर राज करता था रणविजय चौहान। वह राज्य के शिक्षा मंत्री विक्रम चौहान का बेटा था।

शहर का नाम था कृष्णपुर। बाहर से देखने में ये जगह आम शहर जैसा लगता था — चमकती गाड़ियाँ, बड़ी-बड़ी इमारतें, कॉलेजों में पढ़ते बच्चे और नेताओं के होर्डिंग्स से भरी दीवारें। लेकिन भीतर से यह शहर सड़ा हुआ था। हर गली पर गुंडों का कब्ज़ा, हर सड़क पर नेताओं ...

उसके पिता वीर प्रताप सिंह एक बड़े बिज़नेसमैन थे शहर में उनका नाम-दाम सब था, लेकिन घर में उनका साया भी मुश्किल से पड़ता था।

अर्जुन बचपन से ही अलग स्वभाव का था। जहाँ बाकी बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में लगे रहते, वहीं अर्जुन की आँखों में हमेशा एक अजीब-सी आग जलती रहती थी। उसका बचपन आसान नहीं था। उसके पिता वीर प्रताप सिंह एक बड़े बिज़नेसमैन थे। शहर में उनका नाम-दाम सब था, लेकिन ...

अमरगढ़ के राजा रणधीर सिंह न्यायप्रिय और प्रजावत्सल थे जनता उन्हें भगवान का रूप मानती थी उनकी रानी मृणालिनी जितनी सुंदर थीं

पहाड़ों के बीच बसा एक प्राचीन राज्य था अमरगढ़। कहते हैं कि इस राज्य की धरती सोने जैसी उपजाऊ और इसके किले लोहे जैसे मज़बूत थे। अमरगढ़ के राजा रणधीर सिंह न्यायप्रिय और प्रजावत्सल थे। जनता उन्हें भगवान का रूप मानती थी। उनकी रानी मृणालिनी जितनी सुंदर थीं उतनी ही ...

इसी इलाके में एक गरीब मजदूर का बेटा था अर्जुन उसके बचपन की कहानी सुनकर ही लोग रो पड़ते।

रेगिस्तान और जंगल के बीच बसे इलाके में लोग गरीबी से लड़ रहे थे। वहाँ एक ही चीज़ थी, जो पूरे गाँव का खून चूस रही थी – काले पत्थरों की खदानें। इन खदानों से निकलने वाला पत्थर शहर में लाखों-करोड़ों में बिकता था, लेकिन गाँववालों को उसके बदले सिर्फ़ ...

1235 Next